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ओपनिंग बेल से पहले जानें 10 बड़ी बातें, Nifty-Sensex में क्या हो सकती है आज की चाल?

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Trade Setup for Tomorrow: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 3 सितंबर को कारोबार की शुरुआत मजबूत रहने के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty में तेजी के बीच वैश्विक बाजारों से भी सकारात्मक संकेत मिले हैं। हालांकि, ऊंचा कच्चा तेल, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव बाजार के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर Nifty 50 और Sensex के अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तरों पर रहेगी।

 

बुधवार को Nifty 50 करीब 0.59% गिरकर 23,914.45 पर बंद हुआ, जबकि Sensex 373.93 अंक गिरकर 76,570.35 पर रहा। लगातार तीसरे सत्र में दबाव के बाद अब बाजार के लिए 24,000 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

 

1. GIFT Nifty से मिल रहे हैं तेजी के संकेत

गुरुवार सुबह GIFT Nifty में मजबूती देखने को मिली। इससे भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक या gap-up opening की संभावना बन रही है। हालांकि, केवल शुरुआती तेजी को देखते हुए ट्रेड लेना जोखिम भरा हो सकता है। बाजार की आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि Nifty शुरुआती बढ़त को कायम रख पाता है या नहीं।

 

2. Nifty के लिए 24,000 का स्तर अहम

Nifty 50 बुधवार को 24,000 के नीचे बंद हुआ और 23,914 के आसपास रहा। तकनीकी तौर पर 24,000-24,150 का क्षेत्र शुरुआती resistance के रूप में देखा जा सकता है।

 

वहीं, कमजोरी लौटने पर 23,800 पहला महत्वपूर्ण support होगा। इसके नीचे टिकने पर 23,600 के आसपास अगला दबाव देखने को मिल सकता है।

 

3. Sensex पर भी रहेगी नजर

Sensex बुधवार को 373 अंक से ज्यादा गिरकर 76,570.35 पर बंद हुआ। बाजार में अगर शुरुआती मजबूती बनी रहती है तो index में recovery देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, global cues कमजोर पड़ने पर बुधवार की बिकवाली फिर लौट सकती है।

 

इसलिए Sensex traders के लिए opening range और शुरुआती 30-60 मिनट का price action महत्वपूर्ण रहेगा।

 

4. अमेरिकी बाजारों में रही तेजी

भारतीय बाजार को अमेरिकी शेयर बाजार से भी कुछ राहत मिली है। पिछले सत्र में Dow Jones में करीब 0.56%, S&P 500 में 0.46% और Nasdaq में 0.45% की बढ़त रही।

 

एशियाई बाजारों में भी गुरुवार को व्यापक तौर पर सकारात्मक रुख देखने को मिला। हालांकि, अमेरिका के आगामी आर्थिक आंकड़े और Federal Reserve से जुड़े संकेत बाजार की दिशा बदल सकते हैं।

 

5. कच्चे तेल की कीमतें बनी रहेंगी बड़ी चिंता

Crude oil भारतीय बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण risk factors में से एक बना हुआ है। Brent crude करीब $95 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव आया है।

 

भारत अपनी crude oil जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए तेल की कीमतों में लगातार तेजी से inflation, रुपये और corporate margins पर दबाव बढ़ सकता है।

 

6. रुपया और RBI की भूमिका

भारतीय रुपया हाल के सत्रों में दबाव के बावजूद RBI के हस्तक्षेप से अपेक्षाकृत स्थिर रहा है। बुधवार को रुपया करीब ₹94.97 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। Reuters के अनुसार RBI ने डॉलर बिक्री के जरिए रुपये को सहारा दिया है।

 

आने वाले सत्रों में crude oil, US Treasury yields और डॉलर इंडेक्स रुपये की दिशा के लिए अहम रहेंगे।

 

7. FII-DII की खरीदारी से मिला सपोर्ट

बाजार में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 2 सितंबर को FII ने करीब ₹6,688 करोड़ और DII ने करीब ₹2,813 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की।

 

अगर संस्थागत खरीदारी आगे भी जारी रहती है, तो यह बाजार में गिरावट के दौरान support प्रदान कर सकती है। हालांकि, geopolitical uncertainty के बीच FII flows में तेजी से बदलाव संभव है।

 

8. US Bond Yield और Fed पर नजर

अमेरिकी 10-year Treasury yield हाल में multi-year high के करीब पहुंची है। ऊंची US yields आम तौर पर emerging markets के लिए चुनौती पैदा करती हैं क्योंकि इससे अमेरिकी assets की attractiveness बढ़ सकती है।

 

सितंबर में Federal Reserve के interest-rate संकेत बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख triggers में शामिल रहेंगे। कमजोर अमेरिकी employment data से rate-cut expectations बदल सकती हैं और इसका असर भारतीय equities पर भी पड़ सकता है।

 

9. Auto और दूसरे सेक्टरों में stock-specific action

हाल के सत्र में Auto stocks पर खास दबाव देखा गया। बुधवार को व्यापक बाजार में कमजोरी रही और कई sectors में selling देखने को मिली।

 

आज traders को केवल index पर ध्यान देने के बजाय Auto, Banking, IT, Energy और Defence-related stocks में stock-specific movements पर नजर रखनी चाहिए। हालांकि किसी भी stock में trade लेने से पहले volume और price action की पुष्टि जरूरी है।

 

10. आज की ट्रेडिंग रणनीति: जल्दबाजी से बचें

आज का बाजार शुरुआती gap-up के बावजूद volatile रह सकता है। इसलिए opening bell पर तुरंत position लेने के बजाय Nifty के अहम levels के आसपास price action का इंतजार करना बेहतर हो सकता है।

 

Nifty के लिए प्रमुख स्तर:

Support: 23,800 के आसपास

अगला Support: 23,600

Immediate Resistance: 24,000

अगला Resistance: 24,150-24,300

 

अगर Nifty 24,000 के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो recovery आगे बढ़ सकती है। इसके विपरीत 23,800 के नीचे sustained weakness बाजार में फिर से selling pressure बढ़ा सकती है।

 

यह भी पढ़ें - EPS क्या होता है और इसकी गणना कैसे करें

                       शेयर बाजार में निवेश कैसे करें।

 

निष्कर्ष

Trade Setup for Tomorrow में भारतीय शेयर बाजार के लिए शुरुआत सकारात्मक रहने के संकेत हैं, लेकिन traders को global risk factors को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। GIFT Nifty और अमेरिकी बाजारों की मजबूती sentiment को सहारा दे रही है, जबकि crude oil, US bond yields और West Asia tensions अभी भी प्रमुख जोखिम हैं।

 

आज के कारोबार में Nifty 24,000 और 23,800 के स्तर सबसे अहम रह सकते हैं। इसलिए gap-up opening के बाद market sustain करता है या profit booking आती है, इस पर नजर रखना जरूरी होगा।

 

Disclaimer: यह लेख केवल बाजार की जानकारी और विश्लेषण के उद्देश्य से है। इसे निवेश या ट्रेडिंग की सलाह माना जाए। शेयर बाजार में निवेश और trading बाजार जोखिमों के अधीन है।

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